मुस्कुराना तो एक कला है पर हर शख्स यहां पगला है। मुस्कुराना तो एक कला है पर हर शख्स यहां पगला है।
हम चाहे मिट जाये क्यों ना मिट्टी के ही भाव, अब हर तरह के प्रदूषण का खात्मा करना है। हम चाहे मिट जाये क्यों ना मिट्टी के ही भाव, अब हर तरह के प्रदूषण का खात्मा कर...
फर्क इतना रहता है मानवीय जीवन में वह घटना गाहे बगाहे कचोटती रहती है। फर्क इतना रहता है मानवीय जीवन में वह घटना गाहे बगाहे कचोटती रहती है।
जिओ ओर सबको जीने दो तुम्हारा कुछ ना बिगड़ेगा। जिओ ओर सबको जीने दो तुम्हारा कुछ ना बिगड़ेगा।
प्रिय मित्रों की अहम टिप्पणी , देखो क्या रंग लाएंगीII प्रिय मित्रों की अहम टिप्पणी , देखो क्या रंग लाएंगीII
कि अब मर भी जाऊँ तुम्हारे लिए तो वो थोड़ा होगा.... कि अब मर भी जाऊँ तुम्हारे लिए तो वो थोड़ा होगा....